School Holiday : गुवाहाटी में बढ़ती ठंड के कारण स्कूल बंद
असम के गुवाहाटी शहर में लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद करने का आदेश जारी किया गया है।
School Holiday : मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में कामरूप जिले के कई इलाकों में घने कोहरे की संभावना है। मौसम शुष्क रहने के बावजूद हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। इससे दृश्यता कम होने का खतरा बना रहेगा, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
School Holiday : 31 दिसंबर से 6 जनवरी 2026 तक स्कूल बंद
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने 30 दिसंबर 2025 को जानकारी दी कि 31 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। ठंड और मौसम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नियमित कक्षाएं 7 जनवरी 2026 से फिर से शुरू होंगी।
School Holiday : आधिकारिक एडवाइजरी जारी
कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के निरीक्षक विद्यालय (Inspector of Schools) ने भी स्कूल बंद रखने को लेकर एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी स्कूल प्रमुखों को छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ को समय पर जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
एडवाइजरी में दिए गए मुख्य निर्देश
एडवाइजरी के अनुसार बंद अवधि के दौरान कोई भी शैक्षणिक या सह-पाठ्यक्रम गतिविधि आयोजित नहीं की जाएगी। साथ ही स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे दोबारा खुलने से पहले कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारी पूरी रखें।
निजी स्कूलों के लिए भी निर्देश
प्रशासन ने निजी स्कूलों को भी छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की सलाह दी है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी स्कूलों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: प्रशासन का फैसला
ठंड के मौसम में स्कूल बंद करने का अधिकार स्थानीय प्रशासन के पास होता है। बढ़ती ठंड और कोहरे से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का यह निर्णय एहतियातन और पूरी तरह आवश्यक माना जा रहा है।
निष्कर्ष
गुवाहाटी और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में ठंड और कोहरे को देखते हुए स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना छात्रों की सुरक्षा के लिए अहम कदम है। अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की गई है कि वे जारी निर्देशों का पालन करें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।


